राजस्थान और मध्य प्रदेश चुनाव: मायावती ने कांग्रेस के साथ गठबंधन से किया इंकार 

Team Suno Neta Wednesday 3rd of October 2018 07:48 PM
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मायावती

नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने बुधवार को कांग्रेस के साथ गठबंधन से इंकार करते हुए इंकार की है कि उनकी पार्टी मध्य प्रदेश और राजस्थान में अकेले विधानसभा चुनाव लड़ेगी। मायावती ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए BSP को कुचलने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को पराजित करने के कांग्रेस के इरादे पर भी सवाल उठाया।

मायावती ने पहले घोषणा की थी कि BSP छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के लिए अजीत जोगी की पार्टी के साथ गठबंधन करेगी। ठीक वैसे ही कर्नाटक में उन्होंने क्षेत्रीय पार्टी के साथ करार किया। छत्तीसगढ़ में भी ऐसा ही किया।उन्होंने मध्य प्रदेश और राजस्थान में अकेले ही चुनाव लड़ने का फैसला किया है। वह क्षेत्रीय दलों के साथ जा सकती हैं लेकिन निश्चित रूप से कांग्रेस के साथ नहीं।

मायावती ने एक न्यूज़ कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा: “दिग्विजय सिंह जैसे कांग्रेस नेता कांग्रेस-बसपा गठबंधन की इच्छा नहीं रखते हैं। वह ED, CBI जैसे संस्था से डरते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “दिग्विजय सिंह, जो बीजेपी एजेंट भी हैं, बयान दे रहे हैं कि मायावती जी के पास केंद्र से बहुत अधिक दबाव है, इसलिए वह इस गठबंधन को नहीं चाहते हैं।”

मायावती के टिप्पणी के बाद कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा: “मैं पहले भी कह चुका हूँ की मैं मायावती जी की इज़्ज़त करता हूँ और कांग्रेस BSP गठबंधन के पक्ष में शुरू से हूँ। छत्तीसगढ़ में गठबंधन के लिए बातचीत हुई थी लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं हुई थी। मध्य प्रदेश में भी गठबंधन की बात हुई, लेकिन उन्होंने पहले हीं 22 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी थी।”

उन्होंने कहा कि वह राहुल गांधी के निर्देशों का पालन करते हैं, वह आगे कहते हैं “जहां तक मेरा संबंध है, मैं मोदी जी, अमित शाह जी, भाजपा और RSS के सबसे बड़ा आलोचकों में से एक हूं। राहुल गांधी हमारे कांग्रेस अध्यक्ष हैं, हम उनके निर्देश का अनुसरण करते हैं ।”

इसपर मायावती ने आगे कहा: “कांग्रेस अहंकारी हो गई है और वह सोचती है की भाजपा को अकेले ही हरा देगी परन्तु जनता कांग्रेस से नाराज़ है इसलिए वह भाजपा के साथ है।” उन्होंने आगे कहा: “यदि ऐसा नहीं था, तो कांग्रेस ने जिद्दी रवैया क्यों अपनाया और इन तीन राज्यों में BSP को कम सीटों की पेशकश क्यों की जब हर कोई जानता है कि हमारा वोट स्थानांतरित हो जाता है ... हमे गठबंधन से ज्यादा लाभ नहीं मिलता है।”

कांग्रेस अभी भी आशावादी

मायावती के सनसनीखेज घोषणा के कुछ घंटो बाद कांग्रेस ने उम्मीद जताई है कि BSP प्रमुख के साथ मतभेदों को सुलझा दिया जाएगा, भले ही BSP ने गठबंधन के टूटने पर कांग्रेस की खिंचाई की है। कांग्रेस ने उम्मीद जताई कि BSP प्रमुख राहुल और सोनिया गांधी में अपने विश्वास को फिर से दोहराएंगी, सद्भाव के साथ मतभेदों को खत्म करने के लिए एक अवसर प्रदान करेंगी।

कांग्रेस के मुख्या प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा की मायावती ने अपनी मत बयान की हैं और कांग्रेस उसका सम्मान करती हैं। अगर सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और मायावती में अच्छी तालमेल हैं तो चौथा व्यक्ति इनके बीच दरार पैदा नहीं कर सकता। अगर कोई मतवेद दोनों पार्टियों के बीच हैं तो उसे सुलझा लिया जाएगा। 

भाजपा के महासचिव राम माधव ने भी गठबंधन प्रयासों पर विपक्ष की खिचाईं करते हुए कहा: “महागथबंधन ‘प्रगति’ में। पहले आम आदमी पार्टी और अब BSP इसे ब्लफ बुला रहा है। मायावती ने कांग्रेस को घमंडी बताया, यह उनके लिए एक नयी आकाशवाणी है, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी कोई गठबंधन की घोषणा नहीं है। छत्तीसगढ़ पहले ही डंप हो गया।”


 

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