पुराणी फोटो को अक्टूबर 2 के किसान प्रदर्शन का बताकर सोशल मीडिया में चलाया गया 

By Sunoneta Team Thursday 4th of October 2018 12:21 PM
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पुलिस और किसान के बीच के 2 अक्टूबर को एक हिंसक संघर्ष हुआ था जब प्रदर्शन करते किसानों ने विभिन्न राज्यों से दिल्ली में प्रवेश करने की कोशिश की थी। प्रदर्शनकारियों, जो कि भारतीय किसान संघ (BKU ) संगठन के समर्थन में पैदल मार्च कर रहे थे, उन्हें पुलिस ने दिल्ली-यूपी सीमा पर आंसू के गोले और पानी के तोपों से रोक दिया गया था।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) पोलिटब्यूरो सदस्य कविता कृष्णन ने 2 अक्टूबर को एक पोस्ट को ट्वीट किया था, जिसमें  तस्वीर में दिखाया गया की एक  पुलिसकर्मी ने  किसान के सामने बंदूक तानी थी। 

उन्होंने  ट्वीट किया: "किसान को उसके हाथ में एक ईंट के साथ देखो, उसे एक बंदूक के साथ एक पुलिस का सामना करना पड़ रहा है। यदि आपको नहीं लगता कि किसान एक आतंकवादी है, और मुझे आशा है कि आप ऐसा नहीं सोचते होंगे, अगर आप अपने क्रोध से सहानुभूति रखते हैं, तो मुझे उम्मीद है कि आप कश्मीरी बच्चे को अपने हाथ में एक पत्थर के साथ एक आतंकवादी कहने से पहले फिर से सोचेंगे।"

इस ट्वीट को हज़ारों बार रीट्वीट और "लाइक" किया गया है। फेसबुक पर भी इस तस्वीर को व्यापक रूप से शेयर किया गया यह बताते हुए कि यह एक किसान विरोध प्रदर्शन है।

ऑल्ट न्यूज़ जब इसकी जांच पड़ताल की तब पता चला की यह तस्वीर 2013 में उत्तर प्रदेश के मेरठ में ली गई थी जब कुछ ग्रामवासि मुज़फ्फरनगर दंगों में जुड़े भाजपा MLA संगीत सोम के गिरफ़्तारी के बाद हिंसा पर उतर गए थे। इस तस्वीर को तब पायनियर, इंडियन एक्सप्रेस और हिन्दू जैसे पत्रिकाओं ने छपा था।


(सौजन्य ऑल्ट न्यूज़)


 

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